कोरोना काल में हम सभी ने एक आपातकालीन स्थिति का सामना किया था। तब कोई भी इस स्थिति का सामना करने के लिए तैयार नहीं था क्योंकि हम सभी ने ऐसा कभी नहीं सोचा था कि एक दिन एक ऐसी बीमारी आएगी जो इतना भयावह रूप ले लेगी और लोगों के जीवन को अस्त-व्यस्त कर देगी। यह आपातकालीन स्थिति अब फिर से हमारे दरवाज़े पर आ खड़ी हुई है। तब तो हम इसके लिए तैयार नहीं थे लेकिन अब हो सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे:
1. घर के खर्चे लिखने की आदत डालो – “जब दिखता है तभी संभलता है”
आज के ऑनलाइन या डिजिटल करेंसी के ज़माने में हम भूल ही गए हैं कि खाता बनाना क्या होता है और इसके कितने फायदे हैं।
हमारी मम्मी को हम सभी ने वही खाता या डायरी लिखते देखा है, ये तो हम सबको याद ही होगा। और थोड़ी सी इनकम में भी हमारी मम्मी पूरे महीने घर का खर्च बड़ी ही कुशलता से चलाती थीं।
वही तरीका हमें भी अपनाना है – अपने घर के खर्चों को एक डायरी में लिखना शुरू करें, जिससे आपको ये पता रहेगा कि आपने कितना खर्च किया है और कहाँ-कहाँ किया है। कहीं कोई फ़िज़ूल खर्ची होगी तो आप उसको तुरंत ही पकड़ सकते हैं और उसे रोक सकते हैं। हफ्ते में एक दिन जब आपको समय मिले, बैठिए और देखिए कि कौन से खर्चों को अवॉयड किया जा सकता है।

2. इंस्टेंट लोन ऐप्स से लोन लेने से बचें
पैंडेमिक में बहुत से लोगों ने मजबूरी के चलते और पैसों की तंगी की वजह से ऐसी एप्लिकेशन और वेबसाइट्स से पैसे उधार लिए जिन पर उन्हें भारी-भरकम ब्याज, लगभग 24% तक भरना पड़ा। ऐसी एप्लिकेशन और वेबसाइट्स आपको और भी मुसीबत में डाल सकती हैं। पैसे वक्त पर न लौटाने पर मानसिक प्रताड़ना और धमकी दी जाती है, जिससे लोग हारकर गलत कदम उठा लेते हैं। इसलिए ऐसी लुभावनी ऐप्स से सतर्क रहें और सबसे पहले रिश्तेदारों और दोस्तों से मदद माँगें। साथ ही अपना एक इमरजेंसी फंड भी तैयार करें, जिससे ज़रूरत पड़ने पर आप किसी जाल में फँसने से बच सकें।
3. लाइफस्टाइल को सिंपल रखें
कम में जीना गरीबी को नहीं दर्शाता और न ही किसी को कमज़ोर दिखाता है, बल्कि ये एक स्मार्ट तरीका है जीने का। पैंडेमिक में हमने देखा कि जिसके पास ज़्यादा पैसा है वो भी इससे नहीं बच पाया। तो आख़िर इसका मतलब क्या है? इसका मतलब है कि आप दिखावे की होड़ न करें। एक बार सोचें, आराम से बैठकर, कि यह चीज़ कितनी ज़रूरी है लेना। अगर मैंने ये नहीं खरीदा तो क्या हो जाएगा? अर्जेंसी को समझना सीखिए। जिन प्रोडक्ट्स और सर्विसेज की ज़रूरत नहीं है उन्हें अवॉयड कीजिए। किसी की देखादेखी में अपना नुक़सान न होने दें क्योंकि हर इंसान की ज़रूरत की परिभाषा अलग है, तो अपनी ज़रूरतों पर ध्यान दें।
4. पेट्रोल की जगह साइकिल, मेट्रो या कारपूल का उपयोग करें
वैसे तो पैंडेमिक में लॉकडाउन की वजह से हम सभी अपने घरों में क़ैद थे, लेकिन फिर भी किसी अर्जेंसी के कारण आपको बाहर जाना पड़ सकता है। उसके लिए कोशिश करें कि पास की यात्रा हो तो साइकिल से करें। इससे ईंधन पर हुए खर्च को कम किया जा सकेगा, साथ ही सेहत भी ठीक रहेगी। और अगर दूर की यात्रा करनी हो तो मेट्रो या पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें या कारपूल भी एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है।

5. हेल्थ किट घर में ज़रूर रखें
पैंडेमिक में आप सभी ने सुना होगा कि थोड़ा सा भी बुखार, खाँसी या ज़ुकाम होने पर लोग टेस्ट किट के लिए दवाई की दुकानों पर जा रहे थे, जिसकी कीमत लगभग ₹250 थी। इसलिए घर पर एक हेल्थ किट तैयार रखें जिससे कि छोटी-मोटी बीमारी का इलाज खुद ही हो सके और ये तनाव का कारण न बने।
6. घर बैठे काम करके साइड इनकम करें
ऐसी आपातकालीन स्थिति में जहाँ लोगों की नौकरी खतरे में हो सकती है या जिनके घर में एक ही कमाने वाला व्यक्ति होता है, आपको कुछ ऐसे काम करने चाहिए जो आप घर बैठे भी कर सकें और आपकी साइड इनकम भी बनी रहे। जैसे कि बच्चों को ऑनलाइन ट्यूशन पढ़ाना, सिलाई-कढ़ाई का काम, टाइपिंग या डेटा एंट्री करके आप एक इनकम जनरेट कर सकते हैं जिससे आपकी सेविंग भी हो सकेगी।
7. यूज़्ड चीज़ें लें, नया सामान लेना अवॉयड करें
पैंडेमिक में हर चीज़ महँगी हो गई थी। अगर आप यूज़्ड सामान का उपयोग करते हैं तो यह एक स्मार्ट चॉइस होगी, जिससे कि आपको नए प्रोडक्ट के लिए ज़्यादा पैसे नहीं खर्च करने पड़ेंगे और यूज़्ड आइटम को खरीदने से आपका काम भी हो जाएगा और बहुत कम रकम खर्च होगी।
OLX और Quikr जैसी ऐप्स से आप पुराना सामान खरीद भी सकते हैं और बेच भी सकते हैं। इन ऐप्स का उपयोग करके आप एक स्मार्ट सेविंग का ऑप्शन भी चुनते हैं।

8. घर को फाइनेंशियल डिसिप्लिन से चलाओ
संकट के वक़्त पूरे घर को डिसिप्लिन में रखना ज़रूरी है। उसके लिए ज़रूरी है कि पहले से ही नियम बनाएं और सबको बताएं कि घर के खर्चों को कैसे मैनेज किया जाएगा, कौन-सी चीज़ कब खरीदनी है, भी या नहीं।
स्मार्ट डिसीजन लेना सभी मेम्बर्स को सीखना होगा। हर खर्च की लिमिट सेट करनी होगी जिससे कोई भी फ़िज़ूल खर्ची न कर सके।
एक सेविंग गोल भी साथ ही तैयार करें जिससे बचत भी होती रहे। सभी मेम्बर्स को समझाएँ उनकी ज़िम्मेदारी और प्लान ऑफ एक्शन।
निष्कर्ष
इन सभी तरीकों को अपनाकर आप भी किसी भी महामारी की स्थिति में अच्छे से सर्वाइव कर सकते हैं और साथ ही और लोगों को गाइड कर उनकी मदद भी कर सकते हैं। समझदारी से लिए गए कदमों की वजह से आप अपने परिवार को मुसीबत के वक़्त भी संभाल सकते हैं। इसलिए ज़रूरी है नियम बनाना और उनके पालन का।
